June 25, 2021

Tej Times News

Satyam Sarvada

लखनऊ, मेरठ, सहारनपुर और गोरखपुर में ही कोरोना कर्फ्यू रहेगा लागू!

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टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट की नीति पर काम कर रही है प्रदेश सरकार

हर रोज तीन लाख से ज्यादा टेस्ट किए जा रहे हैं।

जो गांव कोरोना मुक्त हैं, वहां मनरेगा के अंतर्गत गतिविधियां शुरू की जाएं।

शनिवार व रविवार को सभी जिलों में पहले के आदेशों के अनुसार साप्ताहिक बंदी लागू रहेगी।

उत्तर प्रदेश सरकार के दावों के अनुसार प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या में तेजी से घट रही है जिसके बाद अब तक अनलॉक की प्रक्रिया के तहत प्रदेश के 71 जिलों को कोरोना कर्फ्यू मुक्त घोषित किया जा चुका है।

उत्तर प्रदेश के सिर्फ चार जिलों में ही कोरोना कर्फ्यू लागू रहेगा। बाकी प्रदेश के सभी जिलों में कोरोना संक्रमितों की संख्या निर्धारित मानक 600 से कम हो गई है।

अब सिर्फ लखनऊ, मेरठ, सहारनपुर और गोरखपुर में ही कोरोना कर्फ्यू लागू रहेगा, क्योंकि यहां पर अभी भी corona संक्रमित रोगियों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है।

राहत की बात यह है कि प्रदेश के 71 जिले कोरोना कर्फ्यू मुक्त हो गए हैं। यह निर्णय शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ टीम-9 की बैठक में लिया गया।

हालांकि, शनिवार व रविवार को सभी जिलों में पहले के आदेशों के अनुसार साप्ताहिक बंदी लागू रहेगी।

वहीं, बीते 24 घंटों में प्रदेश में 1100 नए मामले आए हैं जबकि 2446 मरीज डिस्चार्ज होकर घर वापस गए हैं। प्रदेश में इस समय सक्रिय मामलों की संख्या 17944 है।

ज्ञातव्य है की उत्तर प्रदेश की योगी सरकार कोरोना को नियंत्रित करने के ‘ट्रिपल टी’ अर्थात टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट की नीति पर काम कर रही है। प्रदेश में हर रोज तीन लाख से ज्यादा टेस्ट किए जा रहे हैं।

प्रदेश का ओवरऑल कोरोना पॉजिटिविटी रेट 3.3 प्रतिशत, तो रिकवरी रेट 97.7 प्रतिशत है।

प्रदेश में अब तक रिकॉर्ड पांच करोड़ से ज्यादा (पांच करोड़ 13 लाख 42 हजार पांच सौ 37 टेस्ट किए जा चुके हैं।) प्रदेश में अब तक 2 करोड़ 2 लाख 34 हज़ार 598 लोगों का टीकाकरण हो चुका है जिसमें युवाओं की संख्या 30 लाख से ज्यादा है।

वैक्सीन का अभाव नहीं, जल्द ही अन्य विकल्प भी तलाशे जाएंगे
मुख्यमंत्री योगी ने अफसरों को निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश की विशाल आबादी को देखते हुए हमें कोविड वैक्सीनेशन को और तेज करना होगा। जनपदवार रणनीति बनाई जाए। वैक्सीन का अभाव नहीं है। भारत सरकार के सौजन्य से कई नए वैक्सीन विकल्प भी जल्द ही उपलब्ध होंगे।

जून में एक करोड़ टीकाकरण का लक्ष्य है। जुलाई में इस लक्ष्य को तीन गुना तक विस्तार दिया जाना चाहिए। इसके लिए एक लाख अतिरिक्त वैक्सीनेटर तैयार किए जाएं। नर्सिंग के विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करें, अन्य विकल्प भी तलाशें।

उन्होंने कहा कि सीएमओ, डिप्टी सीएमओ और एडिशनल सीएमओ जैसे वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों के चिकित्सकीय अनुभवों का लाभ लिया जाना चाहिए। यह सभी ओपीडी में सेवाएं देना सुनिश्चित करें।

जिला अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी में रोटेशन के साथ ओपीडी में सेवाएं दें। टेलीकन्सल्टेशन के माध्यम से लोगों को चिकित्सकीय परामर्श दें। इनका यह प्रयास अन्य चिकित्सकों के लिए प्रेरणादायी भी होगा। यह व्यवस्था तत्काल प्रभावी करा दी जाए।

यह संतोषप्रद है कि कोरोना संक्रमण से हमारे गांव सुरक्षित रहे हैं। जो गांव कोरोना मुक्त हैं, वहां मनरेगा के अंतर्गत गतिविधियां शुरू की जाएं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल संचय की महत्ता के दृष्टिगत “कैच द रेन” अभियान शुरू किया है। इसे जनअभियान के रूप में विस्तार देते हुए गांवों में इस दिशा में विशेष प्रयास किए जाए। एक्सप्रेस-वे के किनारे पौधारोपण कराया जाए।
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सभी मेडिकल कॉलेजों में पीआईसीयू और एनआईसीयू की स्थापना को तेजी से पूरा किया जाए। सभी मेडिकल कॉलेजों में 100-100 बेड के पीआईसीयू स्थापित किये जाने हैं। इसके साथ 50 बेड का एनआईसीयू भी हों। इसी तरह जिला अस्पताल और सीएचसी स्तर पर भी मिनी पीकू स्थापित किए जा रहे हैं। सभी जिलाधिकारीगण इन कार्यों की सतत मॉनीटरिंग करें।

बेहतर होती स्थिति के दृष्टिगत जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर कोविड प्रोटोकाल के साथ ओपीडी एवं आईपीडी सेवाएं आज से प्रारंभ हुई हैं। अधिकाधिक लोगों को ई-संजीवनी अथवा टेलीकन्सल्टेशन के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाए। विशेष परिस्थितियों में ही ओपीडी में मरीज आएं। किसी भी दशा में कहीं भी कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन न हो।
ऑक्सीजन की आपूर्ति सामान्य हो गई
सतत प्रयासों से बेहतर होती परिस्थितियों के बीच मरीजों के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति सामान्य हो गई है। बीते 24 घंटे में 378 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई। वर्तमान में सभी जिलों में ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता है। औद्योगिक इकाइयों की ऑक्सीजन जरूरतों को पूरा करने में हर संभव मदद करें। प्रदेश में विभिन्न माध्यमों से 4 सौ से अधिक ऑक्सीजन प्लांट निर्माणाधीन है उसमें से 72 प्लांट कार्यशील हो गए हैं शेष को भी शीघ्र कार्यशील करने का प्रयास किया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जनपदों की सीएचसी और पीएचसी में उपकरणों की मरम्मत, क्रियाशीलता, परिसर की रंगाई-पुताई, स्वच्छता और मैन पावर की पर्याप्त उपलब्धता के संबंध में इस संबंध में जारी विशेष कार्रवाई और तेज की जाए। इसकी सतत मॉनीटरिंग हो।

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