April 18, 2021

Tej Times News

Satyam Sarvada

चुनाव आयोग की गाड़ी ख़राब, भाजपा की नीयत ख़राब, लोकतंत्र की हालत ख़राब

असम में बीजेपी प्रत्याशी की गाड़ी में ईवीएम मिलने पर मचे सियासी तूफान पर चुनाव आयोग ने शुक्रवार को असम के रतबारी विधानसभा क्षेत्र में एक मतदान केंद्र पर दोबारा मतदान कराने का आदेश दिया। यहां मतदान के बाद जिस वाहन में निर्वाचन अधिकारी ईवीएम को लेकर गए, वह भाजपा के एक उम्मीदवार का था। चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा कि निर्वाचन अधिकारी और तीन अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।

चुनाव आयोग ने कहा, ” ईवीएम की सील हालांकि सही थी, लेकिन फिर भी रतबारी (सु) एलएसी1 के मतदान केन्द्र संख्या- 149 इंदिरा एमवी स्कूल में दोबारा मतदान कराने का फैसला किया गया है।” असम के करीमगंज जिले में कांग्रेस और एआईयूडीएफ के कुछ समर्थकों ने ईवीएम को भाजपा के एक उम्मीदवार के वाहन में ले जाए जाते हुए देखा था, जिसके बाद गुरुवार रात यहां हिंसा भड़क गई थी।, पुलिस को स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए हवा में गोलियां चलानी पड़ी थी।

कांग्रेस ने असम में भाजपा के एक विधायक के वाहन से ईवीएम मिलने के बाद शुक्रवार को निर्वाचन आयोग को निशाने पर लिया और कहा कि इस पर आयोग को निर्णायक कदम उठाने चाहिए। मुख्य विपक्षी दल ने यह भी कहा कि अगर चुनाव आयोग मूक बना रहता है तो यह लोकतंत्र के लिए घातक होगा।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने इस मामले पर तंज कसते हुए ट्वीट किया, ”चुनाव आयोग की गाड़ी ख़राब, भाजपा की नीयत ख़राब, लोकतंत्र की हालत ख़राब! पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक खबर का हवाला देते हुए चुनाव आयोग पर निशाना साधा और कटाक्ष करते हुए सवाल पूछा कि इस मामले में क्या पटकथा लिखी गई थी?

असम में बीजेपी प्रत्याशी की गाड़ी में ईवीएम मिलने पर मचे सियासीअसम में बीजेपी प्रत्याशी की गाड़ी में ईवीएम मिलने पर मचे सियासी तूफानतूफान के बीच गृहमंत्री मंत्री अमित शाह ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने घटना की पूरी जानकारी नहीं होने की बात कहते हुए यह जरूर कहा कि यदि ऐसा कुछ हुआ है तो चुनाव आयोग को सख्त कदम उठाना चाहिए।

अमित शाह ने टीवी चैनल आज तक से बातचीत में कहा, ”मुझे इसकी पूरी जानकारी नहीं है। मैं कल दक्षिण भारत में था आज यहां (पश्चिम बंगाल) हूं, परसों जाऊंगा तो पूरी जानकारी लूंगा। रात को फोन पर जानकारी लूंगा। हमने चुनाव आयोग को कोई भी कदम उठाने से नहीं रोका है। अगर ऐसा हुआ है तो कानून के हिसाब से चुनाव आयोग को जिम्मेदारों पर सख्त कदम उठाने चाहिए।”