April 18, 2021

Tej Times News

Satyam Sarvada

सावधान : फोन काल पर न दें व्यक्तिगत जानकारी, हो सकता है अकाउंट खाली

स्टेट बैंक अपने डेबिट कार्ड होल्डर्स को ऐसी चेतावनी दे चुका है. आइए जानते हैं कि ऐसी क्या बात है जो मां का नाम या सरनेम बताने से बचने की सलाह दी जा रही है. इसका एक कारण पासवर्ड की सुरक्षा को लेकर है. जब आप अपने डेबिट कार्ड का पासवर्ड रीसेट करते हैं तो आपसे कुछ सिक्योरिटी से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं. इसमें अक्सर लोग अपनी मां का नाम या सरनेम जोड़ देते हैं. अगर आप ऐसा करते हैं तो फोन पर किसी को मां का नाम या सरनेम बताने से परहेज करना चाहिए.

नाम या सरनेम से हैंकिंग

फोन पर किसी हैकर्स या साइबर अपराधी को मां का नाम या सरनेम पता चल जाए तो वह आपके अकाउंट में सेंधमारी कर सकता है. इसलिए बचने का यही उपाय है कि ऐसा फोन आए तो कतनई नाम या सरनेम न बताएं. अव्वल तो ऐसा फोन आए तो बात ही नहीं करनी चाहिए और फोन काट देना चाहिए. रिजर्व बैंक की ओर से कहा गया है कि इस तरह की कोई घटना हो तो उसके पोर्टल पर तुरंत इसकी शिकायत की जाए. बैंक की तरफ से बराबर बताया जाता है कि उसकी तरफ से कस्टमर से कोई जानकारी नहीं मांगी जाती है. इसलिए जब भी ऐसा कोई फोन आए तो उसे किसी सवाल का जवाब न दें. यानी कि अपनी पर्सनल जानकारी न दें.

पासवर्ड गोपनीय रखें

इसके लिए यह भी जरूरी है कि अगर आप इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं तो अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड गोपनीय रखें. इसे किसी को न बताएं क्योंकि इससे आपको खाते में जमा राशि पर खतरा हो सकता है. इसके साथ ही इंटरनेट या मोबाइल बैंकिंग के लिए हमेशा स्‍ट्रॉन्ग पासवर्ड बनाएं, क्योंकि आमतौर पर लोग आसान पासवर्ड सेलेक्‍ट करते हैं जिससे पासवर्ड याद रखने में आसानी होती है. लेकिन यह सही तरीका नहीं है क्योंकि ऐसे पासवर्ड का हैक होना आसान है और फ्रॉडस्टर आसानी से आपकी सुरक्षा में सेंध लगा सकते हैं.

मजबूत पासवर्ड बनाएं

याद रखें कि हमेशा मजबूत पासवर्ड बनाएं. पासवर्ड बनाते समय बैंकिंग सिस्टम की ओर से आपको निर्देश भी दिया जाता है कि वर्ड के साथ डिजिट का भी प्रयोग करें. कुछ ऐसा पासवर्ड बनाएं जिसके बारे में कोई सोच भी न सके. इससे हैंकिंग की संभावना कम होगी. आपको यह भी निर्देश दिया जाता है कि समय-समय पर अपना पासवर्ड बदलते रहें. एक ही पासवर्ड लंबे दिनों तक न खींचे क्योंकि इससे खतरा बढ़ जाता है. मोबाइल नंबर से आधार और आधार से बैंक अकाउंट जुड़ने के बाद यह खतरा और प्रबल हो गया है. लिहाजा पासवर्ड मजबूत बनाएं और समय-समय पर बदलते रहें.

ऑनलाइन बैंकिंग में रखें ये खयाल

एक बात का ख्याल रखना और जरूरी है. ऑनलाइन बैंकिंग में जिस कंपनी या मर्चेंट से लेन-देन कर रहे हैं, उसके पास अपने कार्ड से जुड़ी जानकारियां सुरक्षित कभी भी न रखने दें. सीवीवी और पिन नंबर किसी के साथ साझा न करें. अपना डेबिट या क्रेडिट कार्ड किसी न दें. यूपीआई और भीम ऐप से ट्राजैक्शन में भी इसी तरह की सुरक्षा बरती जानी चाहिए. मर्चेंट की तरफ से दिए जाने वाले भुगतान विवरण अनुरोध को जांचने के बाद ही भुगतान करें. अपने यूपीआई से आधारित ऐप्स को हमेशा अपडेटेड रखें. किसी परिचित व्यक्ति को ही ट्रांसफर करें.