February 26, 2021

Tej Times News

Satyam Sarvada

आजाद भारत में किसी महिला को पहली फांसी

ऐसा अपराध कि सुन कर रूह कांप जाएगी

उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश की रामपुर जेल में बंद शबनम (Amroha Shabnam Case) के फांसी की घड़ी नजदीक आ गई है। शबनम को किसी भी वक्त फांसी देने की तैयारी कर दी गई है। इसके लिए मथुरा की जेल में तैयारियां जारी हैं। कहा जा रहा है कि शबनम के रिश्तेदारों को इस फैसले का कोई मलाल नहीं है।

आजाद भारत में पहली बार ऐसा हो रहा है कि किसी महिला को फांसी दी जाएगी। देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले की शबनम का अपराध ऐसा जघन्य है कि अदालत ने उसे फांसी की सजा सुनाई थी.

उच्चतम न्यायालय में फांसी की सजा के खिलाफ पुनर्विचार याचिका खारिज होने के बाद, शबनम ने राष्ट्रपति के समक्ष दया की अपील की थी जिसे भी नामंजूर किया जा चुका है।

शबनम को अपने ही परिवार के सात सदस्यों की बर्बरतापूर्वक हत्या करने का दोषी ठहराया गया है।

प्रेम संबंधों का विरोध करने पर बौखलाई इस युवती ने अपने परिवार को लोगों को पहले धोखे के साथ बेहोश करने की दवा खिलाई और बाद में नृशंसतापूर्वक कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी।

शबनम के अपराध को जघन्य मानते हुए अमरोहा जिला न्यायालय ने वर्ष 2010 में उसे फांसी की सजा सुनाई थी. हाईकोर्ट ने भी इस सजा की पुष्टि की थी.

इस फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका को भी सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2015 में खारिज कर दिया था, बाद में राष्ट्रपति की ओर से भी 11 अगस्त 2016 को की दया याचिका को ठुकरा दिया गया था।

महिलाओं को फांसी देने का इंतजाम केवल मथुरा में है, वहां फांसी देने की तैयारी की गई है.

फांसी देने के लिए मेरठ से जल्लाद को भी बुलाया गया है. मामले में शबनम के प्रेमी सलीम को भी फांसी दी जानी है।

शबनम के साथ सजा पाने जा रहे सलीम की मां चमन जहां का कहना है कि वह दिन-रात अल्लाह के सामने दुआ करती हैं। सलीम शबनम के साथ इस कांड में सजा पाने वाला शख्स है। सलीम की मां का कहना है कि वह अल्लाह के सामने दुआ कर रही हैं और वह जो करेंगे उनका परिवार उसे स्वीकार करेगा।