April 18, 2021

Tej Times News

Satyam Sarvada

संपादकीय : कथनी करनी का भेद

गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बीजेपी की राजनीति में राष्ट्रनीति सबसे ऊपर है और वह राजनीतिक छुआछूत की बजाय आम सहमति को अहमियत देती है। मोदी ने कहा कि सरकार बहुमत से चलती हैं लेकिन देश आम सहमति से चलता है। ।

भारतीय जन संघ के पूर्व अध्यक्ष पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर पार्टी सांसदों से मोदी ने कहा कि बीजेपी राजनीतिक छुआछूत में भरोसा नहीं करती और देश चलाने के लिए आम सहमति का सम्मान करती है।

अपने जुमलों और आंसुओं के लिए प्रसिद्ध प्रधानसेवक ने एक बार फिर अपने मन की बात कह कर याद दिलाया कि उनकी पार्टी के दिखाने के दांत और और खाने के दांत और हैं।

यह कैसी आम सहमति है कि देश की।लगभग आधी आबादी के हितों से जुड़ा हुआ कानून, संसद में बिना विपक्ष की सहमति के लाया गया और बहुमत के आधार पर पारित भी करा लिया गया, आम सहमति बनाने का रंचमात्र प्रयास नहीं किया गया।

और यही नहीं, यही तरीका नोटबंदी और जी एस टी और CAA जैसे बहुविवादित फैसले बिना आम सहमति के संख्याबल के आधार पर लागू कर पूरे देश को आंदोलित कर दिया, अर्थव्यवस्था को गहरी चोट पंहुचाई।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि चुनावों में बीजेपी विरोधियों के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ती है पर इसका मतलब यह नहीं कि वह अपने राजनीतिक विरोधियों का सम्मान नहीं करती।

पीएम नरेंद्र मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का जिक्र कर कहा कि वह हमारी पार्टी के नहीं थे तो भी हमने उन्हें सम्मान दिया।

उन्होंने सुभाष चंद्र बोस, आंबेडकर और सरदार वल्लभ भाई पटेल जैसे लोगों को सरकार द्वारा दिए सम्मान का जिक्र करते हुए कहा जबकि अन्य सरकारों ने ऐसा नहीं किया।