April 18, 2021

Tej Times News

Satyam Sarvada

संपादकीय : मोदी को आंदोलनों से नहीं आंदोलन जीवियों की नई जमात से लगता है डर!

किसानों का हुक्का पानी और इंटरनेट बन्द करने वाले मोदी का किसान प्रेम

कथित कृषि सुधारों को लागू करने के नाम पर बिना विपक्ष की सहमति से लाए गए कानून पर पीएम नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में कहा कि कुछ लोग किसानों को गुमराह करने के कोशिश कर रहे हैं। इससे देश का भला नहीं होगा।

वास्तव में गुमराह कौन कर रहा है? किसानों को खालिस्तानी, पाकिस्तानी और देशद्रोही कौन बता रहा है?

किसान आंदोलन के पक्ष में ट्वीट करने वाली विदेश हस्तियों और हालिया टूलकिट खुलासे पर इशारों में निशाना करते हुए मोदी ने कहा कि एक नई ‘एफडीआई’ आई है।

यह एफडीआई है फरिन डिस्ट्रेक्टिव आइडियॉलजी। इससे देश को बचाने के लिए और जागरूक होने की जरूरत है।

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए मोदी ने कहा कि हम लोग कुछ शब्दों से परिचित हैं, जैसे बुद्धिजीवी, श्रमजीवी।

कुछ वक्त से देश में नई जमात पैदा हुई है, आंदोलनजीवी। कोई भी आंदोलन हो, ये जमात हर जगह दिखेगी। कभी पर्दे के पीछे तो कभी सामने। ये लोगों को गुमराह करते हैं। ये आंदोलनजीवी परजीवी होते हैं।

कृषि मंत्री की वार्ता कोशिशों की चर्चा

एक बार एक बन्दर राजा बना दिया गया और शेर आकर बकरी को खाने लगा, जंगल के लोगों ने शिकायत की तो बन्दर एक डाल से दूसरी डाल पर कूदने लगा, जब शेर बकरी को मारकर खा गया तो जंगल के पशुओं ने राजा बन्दर से कहा, कि ये क्या आपने बकरी को बचाया नहीं तो बन्दर बोला मेरी कोशिशों में कोई कमी रह गई हो तो बताओ!

सो वार्ता की कोशिशें की गई हैं, इससे कोई इंकार नहीं पर मिला क्या? 150 से ज्यादा किसानों की मौत हो गई, सैकड़ों लोगों को सरकार ने 26 जनवरी की घटना के नाम पर जेल में डाल दिया।

अब आंदोलनकारियों का पानी बंद, बिजली बंद, बैरिकेडिंग ऐसी जैसी विश्व में कभी कहीं न की गई हो, सड़कों पर कील ठोंकने का काम करने वाली सरकार, और प्रशासन निर्दय और निरंकुश हो चला है।

फिर भी पीएम मोदी राज्यसभा में कह रहे हैं कि कृषि मंत्री किसानों से बात कर रहे हैं। कोशिश जारी है, ये कैसी कोशिश है जो बिजली, पानी और इंटरनेट जैसी मूलभूत सुविधाएं बन्द कर की जा रही है?

मोदी ने कहा कि मैं भरोसा दिलाता हूँ कि मंडियां आधुनिक बनेगी। एमएसपी है, एमएसपी था और एमएसपी रहेगा।

वाकपटुता के धनी मोदी को कौन नहीं जानता, बड़ी चतुराई से वे एमएसपी कानून बनाने की बात टाल गए, एमएसपी कानून कब बनेगा, बनेगा या नहीं बनेगा, अस्पष्ट है, था और रहेगा!

पीएम ने विपक्ष से कहा कि किसानों के हित में मिलकर आगे बढ़ना चाहिए बुरा मेरे खाते में, अच्छा आपके खाते में ।

प्रधानमंत्री जी किसानों के हित में कानून होते तो विरोध इतना लंबा और इतनी शहादते न देनी पड़ती।

किसानों के हित मे कानून वापस लेना था सो तो आप लेने से रहे, उलट किसानों के  हित में कील कांटे बिछा कर हुक्का पानी बन्द के रखा है।

किसान को अपनी फसल बेचने न बेचने की आजादी पहले भी थी सो इसमें नया क्या है, नया है होर्डिंग हटाने का कानून, जिससे महंगाई पर लगाम कसी जाती थी।

होर्डिंग को एक साथ समाप्त करना क्या आश्चर्यजनक नहीं है, कल तक जो पाप था, वह आज नए कानून में पुण्य घोषित कर दिया गया है।

कृषि को बाजार के हवाले कर दिया गया है, अर्थात देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ को पूंजी और पूंजीवाद के हवाले कर दिया गया है।

इस दौरान पीएम ने चौधरी चरण सिंह का जिक्र किया। सिख समुदाय को देश को शान बताकर पंजाब के आंदोलनकारी किसानों का दिल जीतने की भी कोशिश की।